परमाणु जांच पर ट्रंप की ईरान को खुली धमकी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रंप की ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि यदि तेहरान अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) को जांच की अनुमति नहीं देता, तो बातचीत रद्द कर दी जाएगी। ट्रंप का दावा है कि ईरान सैद्धांतिक रूप से सहमत है, जबकि तेहरान ने इससे इनकार किया है।
परमाणु जांच पर विरोधाभास
वाशिंगटन और तेहरान के बीच परमाणु मुद्दे पर तनाव एक बार फिर चरम पर है। पेंसिल्वेनिया में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि ईरान सैद्धांतिक रूप से जांच के लिए तैयार हो चुका है। उनके अनुसार, "उन्होंने हमें अंदरूनी तौर पर भरोसा दिया है और हमारे पास निरीक्षण के लिए 100 प्रतिशत पक्की बात है।" हालांकि, ईरानी पक्ष ने इन दावों को गलत बताते हुए ऐसी किसी भी सहमति से फिलहाल इनकार किया है।
ट्रंप ने निरीक्षण की समय सीमा पर स्पष्ट किया कि इसमें कोई जल्दबाजी नहीं है, लेकिन वे (जांचकर्ता) सही समय पर वहां मौजूद होंगे।
कमजोर हुआ ईरान: ट्रंप का दावा
ट्रंप ने वर्तमान स्थिति का विश्लेषण करते हुए कहा कि ईरान अब रणनीतिक रूप से बेहद कमजोर स्थिति में है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयों के बाद ईरान का रडार सिस्टम, सैन्य नेतृत्व और सेना पूरी तरह से पस्त हो चुके हैं। ट्रंप के शब्दों में, "हमने ईरान को ऐसी स्थिति में ला दिया है, जिसमें उसे पहले कभी नहीं लाया गया था। दूसरे राष्ट्रपतियों को यह काम 47 साल पहले ही कर लेना चाहिए था।"
होर्मुज से रिकॉर्ड तेल की आवाजाही
कूटनीतिक तनाव के बीच वैश्विक ऊर्जा बाजार में भी बड़ी हलचल देखी गई है। ट्रंप ने जानकारी दी कि सोमवार को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से रिकॉर्ड 1.9 करोड़ बैरल तेल निकला, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।, ट्रंप ने संकेत दिया कि ईरान के साथ डील की कोशिशें जारी हैं और वे देख रहे हैं कि आगे क्या होता है, लेकिन अमेरिका किसी भी तरह के समझौते से पहले पूर्ण परमाणु निरीक्षण की शर्त पर अडिग है।
इस कूटनीतिक रस्साकशी का असर वैश्विक तेल कीमतों और खाड़ी देशों की सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ना तय माना जा रहा है।
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