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म. प्र. नगर निगमों में ई-स्कूटर फ्लीट लीजिंग: प्री-बिड एजेंडा जारी

Electric scooters and fast-charging infrastructure grid at a municipal corporation office in Madhya Pradesh.

भोपाल: मध्य प्रदेश में पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए राज्य के तीन बड़े नगर निगमों में इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) फ्लीट लीजिंग टेंडर के तहत प्री-बिड कॉर्पोरेट मीटिंग का आधिकारिक एजेंडा लाइव कर दिया गया है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा जारी इस कदम का मुख्य उद्देश्य नगरीय निकायों के प्रशासनिक अमले की पारंपरिक पेट्रोल वाहनों पर निर्भरता को पूरी तरह समाप्त करना और सरकारी कामकाज में ग्रीन मोबिलिटी को तेजी से लागू करना है।

क्या है ई-स्कूटर फ्लीट लीजिंग योजना?

नगरीय विकास विभाग की इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत भोपाल, इंदौर और ग्वालियर नगर निगमों के मैदानी स्टाफ और जोनल अधिकारियों के लिए इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर लीजिंग मॉडल को अपनाया जा रहा है। सरकार वाहनों को सीधे खरीदने के बजाय निजी वेंडर्स से लंबी अवधि के लिए किराए (लीज) पर लेगी। इस ओपेक्स (OPEX) मॉडल में वाहनों के रख-रखाव, बीमा और रिप्लेसमेंट वारंटी की पूरी जिम्मेदारी निविदा हासिल करने वाली निजी एजेंसी की होगी।

ऑन-साइट फास्ट-चार्जिंग ग्रिड का निर्माण

इस निविदा (टेंडर) का एक अन्य महत्वपूर्ण हिस्सा नगर निगम मुख्यालयों, जोनल कार्यालयों और प्रमुख शहरी आर्थिक गलियारों में फास्ट-चार्जिंग स्टेशन्स का एक मजबूत ग्रिड स्थापित करना है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को सौर ऊर्जा (सौर रूफटॉप) से जोड़ने की योजना है, जिससे वाहनों को चार्ज करने की इनपुट बिजली लागत को न्यूनतम स्तर पर रखा जा सके।

शुक्रवार को होगी बड़ी प्री-बिड कॉर्पोरेट मीटिंग

एमपी ऑनलाइन पोर्टल पर लाइव किए गए तकनीकी एजेंडे के अनुसार, आगामी शुक्रवार को भोपाल में देश के प्रमुख ईवी मैन्युफैक्चरर्स, फ्लीट ऑपरेटर्स और चार्जिंग ग्रिड डेवलपर्स के साथ एक उच्च स्तरीय प्री-बिड कॉर्पोरेट मीटिंग आयोजित की जा रही है। इस बैठक में ऑटोमोबाइल दिग्गजों से तकनीकी और वित्तीय योग्यता मानदंडों (Financial & Technical Eligibility Criteria) पर सीधे सुझाव लिए जाएंगे, ताकि निविदा की शर्तों को व्यावहारिक और पारदर्शी बनाया जा सके।

व्यावसायिक और रणनीतिक प्रभाव

  • B2G मार्केट को बूस्ट: इस नीतिगत बदलाव से देश के इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं और फ्लीट मैनेजमेंट स्टार्टअप्स के लिए मध्य प्रदेश शासन के साथ दीर्घकालिक और सुरक्षित सरकारी अनुबंध (B2G Contracts) साइन करने का यह सबसे बड़ा और सटीक अवसर है।
  • पारदर्शिता और लागत में कमी: लीजिंग मॉडल लागू होने से नगर निगमों के परिवहन खर्च (फ्यूल और मेंटेनेंस कॉस्ट) में सीधे 25% से 30% तक की बचत का अनुमान है, जिससे प्रशासनिक वित्तीय सुशासन मजबूत होगा।

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