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NEET पेपर लीक: सीकर के शिक्षक ने ऐसे किया खुलासा

A teacher highlighting the discrepancies in the NEET exam paper leak complaint.

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा NEET पेपर लीक (NEET Paper Leak) मामले में परीक्षा रद्द करने के बाद अब उस शिक्षक की कहानी सामने आई है जिसने सबसे पहले इस धांधली की पोल खोली थी। सीकर के एक शिक्षक ने 60 पन्नों की शिकायत के जरिए इस बड़े घोटाले का पर्दाफाश किया।

आधी रात को पुलिस स्टेशन पहुंचा शिक्षक

4 मई 2026 की रात करीब 1:30 बजे, नीट परीक्षा खत्म होने के कुछ ही घंटों बाद, राजस्थान के सीकर में एक कोचिंग संस्थान से जुड़े शिक्षक कुछ दस्तावेजों के साथ उद्योग नगर थाने पहुंचे। हालांकि, थाना प्रभारी के अनुसार शिक्षक उस समय बिना लिखित शिकायत दिए ही वहां से चले गए थे। पुलिस ने उन दावों को खारिज किया कि उन्हें थाने से लौटाया गया था।

केरल से आए 'गेस पेपर' ने बढ़ाई शक की सुई

इस पूरे खुलासे की शुरुआत तब हुई जब 3 मई की शाम शिक्षक के मकान मालिक ने उन्हें हाथ से लिखा हुआ एक 'गेस पेपर' दिखाया। यह पेपर मकान मालिक के बेटे ने केरल से भेजा था। जब शिक्षक ने सवालों का मिलान किया, तो वे दंग रह गए क्योंकि कई सवाल वास्तव में नीट परीक्षा में आए सवालों से हूबहू मिल रहे थे। इसके बाद उन्होंने इस मामले को उठाने का फैसला किया।

60 पन्नों की शिकायत और सबूतों का पुलिंदा

शिक्षक ने शुरू में कुछ पत्रकारों से संपर्क किया, लेकिन उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया। आखिरकार, अपने कोचिंग संस्थान के मालिक के समर्थन के बाद, उन्होंने 7 मई को ईमेल के जरिए NTA को 60 पन्नों की एक विस्तृत PDF फाइल भेजी। इस शिकायत में केमिस्ट्री के 90 सवाल और बायोलॉजी के कई प्रश्न शामिल थे, जो हाथ से लिखे गए थे।

शिक्षक ने अपनी शिकायत में स्पष्ट रूप से लिखा कि वे अपना मोबाइल फोरेंसिक जांच के लिए देने को तैयार हैं और उनके पास इस लीक के पूरे सबूत हैं। उन्होंने छात्रों के भविष्य का हवाला देते हुए इस मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग की थी।

जांच का प्रभाव और CBI तक पहुंचा मामला

शिक्षक की इसी शिकायत के बाद NTA ने केंद्रीय एजेंसियों को अलर्ट किया। शुरुआती जांच में पाया गया कि शिक्षक को यह पेपर परीक्षा के बाद मिला था, इसलिए उन्हें किसी भी गलत काम से मुक्त कर दिया गया। राजस्थान SOG की जांच में सामने आया कि व्हाट्सएप पर 'Forwarded many times' वाले मैसेज ने इस बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया। वर्तमान में इस मामले की जांच सीबीआई (CBI) कर रही है, जिसके दबाव में 12 मई को परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया।

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